जोमैटो में छंटनी: क्या चल रहा है?
जोमैटो, भारत की सबसे बड़ी फूड डिलीवरी कंपनियों में से एक, एक बार फिर चर्चा में है। लेकिन इस बार वजह कोई नई सर्विस या इनोवेशन नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर हो रही Zomato Layoffs है। हाल ही में, जोमैटो ने अपने कई कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला किया है, जिससे हजारों लोगों की आजीविका खतरे में पड़ गई है।
Zomato Layoffs का कारण क्या है?
जोमैटो की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह छंटनी ‘कॉस्ट कटिंग’ और ‘प्रोडक्टिविटी बढ़ाने’ के मकसद से की जा रही है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसके पीछे कई बड़े कारण हो सकते हैं:
- मुनाफे में गिरावट:
- जोमैटो ने हाल के महीनों में अपनी फाइनेंशियल रिपोर्ट्स में लाभ में गिरावट दिखाई है।
- निवेशकों का दबाव बढ़ रहा है कि कंपनी जल्द से जल्द मुनाफे में आए।
- ऑटोमेशन और टेक्नोलॉजी:
- नई तकनीकों और AI-बेस्ड सॉल्यूशंस के आने से कई नौकरियों की जरूरत कम हो गई है।
- कई कंपनियां ऑटोमेशन के जरिए खर्चों में कटौती कर रही हैं।
- बढ़ती प्रतिस्पर्धा:
- स्विगी, अमेज़न फूड और अन्य लोकल स्टार्टअप्स जोमैटो को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
- ऐसे में कंपनी को अपनी रणनीति बदलनी पड़ रही है।
कितने कर्मचारियों पर असर पड़ेगा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Zomato Layoffs के तहत इस बार 5-10% कर्मचारियों की छंटनी की जा सकती है। यह संख्या हजारों में हो सकती है। छंटनी केवल डिलीवरी पार्टनर्स तक सीमित नहीं है, बल्कि कॉर्पोरेट और टेक्निकल टीम्स पर भी असर डालेगी।
कर्मचारियों की प्रतिक्रिया
जोमैटो के कर्मचारियों के लिए यह एक बड़ा झटका है। सोशल मीडिया पर कई कर्मचारियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। कुछ कर्मचारियों ने दावा किया है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के निकाल दिया गया, जबकि कुछ ने कंपनी की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
जोमैटो की आधिकारिक प्रतिक्रिया
जोमैटो का कहना है कि यह निर्णय कठिन लेकिन आवश्यक है। कंपनी का फोकस लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पर है और इसलिए, उन्होंने कुछ कर्मचारियों को निकालने का फैसला लिया है। Zomato Layoffs के दौरान प्रभावित कर्मचारियों को उचित मुआवजा और नौकरी खोजने में मदद दी जाएगी।
क्या यह भारतीय स्टार्टअप कल्चर के लिए खतरे की घंटी है?
जोमैटो की छंटनी सिर्फ एक कंपनी का मामला नहीं है। हाल के वर्षों में, कई बड़े भारतीय स्टार्टअप्स जैसे बायजूस, ओला, फ्लिपकार्ट और पेटीएम ने भी बड़े पैमाने पर छंटनी की है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में स्थिरता की कमी हो सकती है।
Zomato Layoffs से प्रभावित कर्मचारियों को क्या करना चाहिए?
छंटनी के शिकार हुए कर्मचारियों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव:
- अपनी स्किल्स अपडेट करें: टेक्नोलॉजी और डिजिटल मार्केटिंग जैसे फील्ड्स में नई स्किल्स सीखना लाभदायक हो सकता है।
- नेटवर्किंग बढ़ाएं: लिंक्डइन और अन्य प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म्स का सही इस्तेमाल करें।
- फ्रीलांस और गिग वर्क पर ध्यान दें: जोमैटो जैसी कंपनियों में अस्थिरता देखते हुए, फ्रीलांसिंग या गिग वर्क को एक विकल्प के रूप में अपनाना सही हो सकता है।
- नई कंपनियों की संभावनाओं को एक्सप्लोर करें: स्टार्टअप इकोसिस्टम में हमेशा नए अवसर रहते हैं।
आगे क्या होगा?
Zomato Layoffs से कई सवाल खड़े होते हैं:
- क्या कंपनी अपनी फाइनेंशियल स्थिति सुधार पाएगी?
- क्या यह Layoffs कंपनी के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ में मदद करेंगे?
- क्या आने वाले समय में और कर्मचारियों की छंटनी होगी?
इन सभी सवालों के जवाब आने वाले महीनों में स्पष्ट होंगे। तब तक के लिए, जोमैटो के कर्मचारियों को अनिश्चितता से गुजरना पड़ेगा।
Zomato Layoffs भारतीय स्टार्टअप कल्चर और कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। इससे यह साफ हो जाता है कि स्टार्टअप्स के लिए ग्रोथ बनाए रखना और मुनाफे में आना आसान नहीं है। कर्मचारियों को भी अब अधिक स्किल्ड बनना होगा और अपने करियर को सुरक्षित रखने के लिए नई संभावनाओं की तलाश करनी होगी।
यदि आप भी किसी फूड डिलीवरी या स्टार्टअप इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं, तो यह समय सतर्क रहने और भविष्य के लिए खुद को तैयार करने का है।

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